
बाइबिल में ईसा मसीह या यीशु मसीह का जन्म की जन्म की तारीख का कोई सटीक जिक्र नहीं मिलता। 25 दिसंबर को ही क्रिसमस मनाए जाने की वजह खास वजह यह है कि रोमन साम्राज्य में 25 दिसंबर को सूर्य देव से जुड़े एक पर्व के रूप में मनाया जाता था। यह वह समय होते है, जब दिन बड़े होने लगते हैं
25 दिसंबर को क्या है? क्रिसमस के अलावा 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जा रहा है.
25 दिसम्बर को बाल दिवस मनाया जाता है, पर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यही दिन साहिबज़ादों की शहादत की स्मृति भी है। गुरु गोविंद सिंह जी के चारों पुत्र— बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जुझार सिंह जी, बाबा ज़ोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी— धर्म, सत्य और राष्ट्र की रक्षा के लिए बलिदान का प्रतीक हैं
महाराजा सूरजमल (1707-1763) राजस्थान के भरतपुर राज्य के जाट शासक थे। उन्हें “जाटों का प्लेटो” कहा जाता है। उन्होंने मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया, और ” महाराजा सूरजमल ने मुगलो को हरा कर, मुगलो उनकी औकात दिखा दी थी ” और जाट साम्राज्य को मजबूत बनाया। जन्म: 13 फरवरी 1707, मृत्यु: 25 दिसंबर 1763


क्रिसमस दिवस का इतिहास क्या है
ऐसा माना जाता था कि यह सृष्टि (संसार की) की, क्रूस पर ईसा मसीह की मृत्यु की और वर्जिन मैरी द्वारा चमत्कारिक रूप से ईसा मसीह के गर्भाधान की तिथि थी। 25 दिसंबर, जो जन्मोत्सव और इसलिए क्रिसमस दिवस का प्रतीक है, 25 मार्च के ठीक नौ महीने बाद आता है
क्रिसमस उत्सव का मुख्य उद्देश्य ईसा मसीह के जन्म का स्मरणोत्सव है। क्रिसमस शब्द पुराने अंग्रेजी शब्द “क्रिस्टेस मैसे” से लिया गया है, जिसका अर्थ है ईसा मसीह का सामूहिक भोज। जैसा कि बाइबिल में वर्णित है, दुनिया भर के ईसाई 25 दिसंबर को उस दिन के रूप में मनाते हैं जिस दिन उद्धारकर्ता यीशु का बेथलेहम में जन्म हुआ था
Tulsi Pujan Diwas 2025: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। इसलिए इस पौधे की पूजा करने से सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। हर साल 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। ये दिन तुलसी के धार्मिक और औषधीय महत्व को दर्शाता है

क्रिसमस पर कविता
- दिल को छू लेने वाली शुभकामनाएं
क्रिसमस आए बनके उजाला
खुल जाए किस्मत का ताला
हमेशा मेहरबान रहे ऊपर वाला
यही दुआ करता हैं चाहने वाला
Happy Christmas to You & Family! - देवदूत बनकर कोई आएगा,
सारी उम्मीदें पूरी कर जाएगा,
क्रिसमस के इस शुभ दिन पर,
खुशियों के तोहफे दे जाएगा।
Merry Christmas 2025!
आया क्रिसमस,मन भाया क्रिसमस ।
विश्व में धूम मचाता क्रिसमस ।
25 दिसम्बर खास दिवस है ।
बाजारों में छाया क्रिसमम ।
रंग बिरंगे परिधानों की
चमक खूब दिखाता क्रिसमस ।
लाल रंग की टोपी पहने,
सेंटा क्लाज की दाढ़ी देखो ।
भरी हुई झोली में सुन्दर उपहार,
की ढ़ेरी लाया क्रिसमस ।
खूब सजावट बच्चों की टोली, नए
हाव-भाव मुस्कान दिखाता क्रिसमस।
गिफ्ट देन का चलन सरीखा,
करते किसी को नहीं अनदेखा ।
केक पेस्ट्रीज, चाकलेट सबको,
खूब खिलाता क्रिसमस ।
धर्म कोई नहीं अछूता, सबका
मन आनंदित करता क्रिसमस ।
ईसाई ख्रीष्टा महान धर्म है,
यीशु मसीह का गुणगान है क्रिसमस ।
गीत भजन चर्च में चल रहे,
सबको खुशी,चैन दिलाता क्रिसमस ।
मनोहारी उपकारी,रंगत खूब जमाए क्रिसमस ।
अजीमुद्दीन,"
प्रभावी जग में इंग्लिश तारीख सिखाता क्रिसमस

