लोहड़ी पर कविता :- जीवन में लोहड़ी त्यौहार | POEM ON LOHRI IN HINDI

लोहड़ी पर कविता :- जीवन में लोहड़ी त्यौहार | POEM ON LOHRI IN HINDI

धूप हो चली तीखी-तीखी
आने वाली बसंत बहार,
ढेरों खुशियाँ लेकर आया
जीवन में लोहड़ी त्यौहार।

मौसम ने ले ली है करवट
सूरज ने बदली है चाल
कलरव करते पंछी निकले
हवा बजाती सुरमयी ताल,
रहे ठिठुरते जिससे हम सब
सर्दी की अब घटेगी मार
ढेरों खुशियाँ लेकर आया
जीवन में लोहड़ी त्यौहार।

रंग-बिरंगी उड़ी पतंगे
आसमान में दौड़ लगातीं
लड़ती-भिड़ती हैं आपस में
कट कर धरती पर आ जातीं,
भाग रहे लेने को बालक
पतंग गिरे जितनी भी बार
ढेरों खुशियाँ लेकर आया
जीवन में लोहड़ी त्यौहार।

ठंडी-ठंडी हवाओं संग में,
सब मिटे अंतर्मन के द्वेष।
मकर राशि मे हो जाता है,
जब सूर्य देवता का प्रवेश।

गुड़ डलियों की मिठास में,
फिर घुलता सम्पूर्ण देश है।
प्रेम भाव बांट आपस में,
खिलता हमारा परिवेश है।

हल्की-हल्की धूप साथ में,
मीठी-मीठी खुशियां लाये।
भीनी-भीनी सुगंध तिल की,
घर आंगन सबका महकाये।

रेवड़ी,गुड़ संग मूंगफली के,
लोहड़ी मनाता पंजाब है।
दक्षिण भारत पोंगल मना,
सजाता अपने हर ख्वाब है।

नीले-नीले इस अम्बर में,
पतंगों की बहारें छाती है।
तितली के रंगों सी मोहक,
खुशियां अपार ही लाती हैं।

दुर्विचारों का नाश करके,
अंतर्मन की भ्रांति मिटे।
पुष्प वाटिका सी महकती,
यह मकर संक्रांति दिखे।

जीवन में हम सबके आएं,
तरक्की के आयाम हजार।
हृदय-तल से हो मुबारक,
मकर संक्रांति का त्योहार।

लोहड़ी शीतकालीन संक्रांति के बाद लंबे दिनों के आगमन का उत्सव है । लोककथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में लोहड़ी उस महीने के अंत में मनाई जाती थी जब शीतकालीन संक्रांति होती है। यह सूर्य के उत्तर दिशा की ओर बढ़ने के साथ दिनों के लंबे होने का उत्सव है

लोहड़ी का प्रकाश,
आपके जीवन को दे नई आस।
गुड़ और तिल की मिठास,
रखें हर दिन आपके पास।
लोहड़ी की शुभकामनाएं! 🪵🔥✨

गुड़ तिल की मिठास,
मूंगफली का स्वाद।
लोहड़ी का त्योहार आए,
खुशियां लाए साथ

लोहड़ी की अग्नि, मन को प्रकाशित करे,
नए साल की शुरुआत, शुभ आरंभ करे

फसलें लहराएं, खुशियां छाएं,
लोहड़ी का त्योहार सभी को भाए।
मिठास हो जीवन में इतनी,
हर पल खुशियां मुस्कुराएं।
लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं!
🌾🌟