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  • जिहाल-ए-मिस्कीं मुकों बा-रंजिश / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    जिहाल-ए-मिस्कीं मुकों बा-रंजिश / गुलज़ार Lyrics in Hindi जिहाल-ए-मिस्कीं मुकों बा-रंजिश, बहार-ए-हिजरा बेचारा दिल है, सुनाई देती हैं जिसकी धड़कन, तुम्हारा दिल या हमारा दिल है। वो आके पेहलू में ऐसे बैठे, के शाम रंगीन हो गयी हैं, ज़रा ज़रा सी खिली तबियत, ज़रा सी ग़मगीन हो गयी हैं। कभी कभी शाम ऐसे ढलती है […]