Category: गुलजार

  • गुलज़ार की कविता – Gulzar ki Kavitaye – Gulzar Poetry in Hindi

    गुलज़ार की कविता – Gulzar ki Kavitaye – Gulzar Poetry in Hindi हम को मन की शक्ति देना / गुलज़ार पूरा दिन / गुलज़ार रात चुपचाप दबे पाँव चली जाती है / गुलज़ार देखो, आहिस्ता चलो / गुलज़ार ख़ुदा / गुलज़ार इक इमारत / गुलज़ार अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो / गुलज़ार Poetry Of Gulzar […]

  • जय हो / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    जय हो / गुलज़ार Lyrics in Hindi जय हो, जय हो जय हो, जय हो आजा आजा जिंद शामियाने के तले, आजा ज़रीवाले नीले आसमान के तले जय हो, जय हो जय हो, जय हो रत्ती रत्ती सच्ची मैने जान गँवाई है, नच नच कोयलों पे रात बिताई है अखियों की नींद मैने फूंको से […]

  • ईंधन / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    ईंधन / गुलज़ार Lyrics in Hindi छोटे थे, माँ उपले थापा करती थी हम उपलों पर शक्लें गूँधा करते थे आँख लगाकर – कान बनाकर नाक सजाकर – पगड़ी वाला, टोपी वाला मेरा उपला – तेरा उपला – अपने-अपने जाने-पहचाने नामों से उपले थापा करते थे हँसता-खेलता सूरज रोज़ सवेरे आकर गोबर के उपलों पे […]

  • न आने की आहट / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    न आने की आहट / गुलज़ार Lyrics in Hindi न आने की आहट न जाने की टोह मिलती है कब आते हो कब जाते हो इमली का ये पेड़ हवा में हिलता है तो ईंटों की दीवार पे परछाई का छीटा पड़ता है और जज़्ब हो जाता है, जैसे सूखी मिटटी पर कोई पानी का […]

  • हिंदुस्तान में दो दो हिंदुस्तान दिखाई देते हैं / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    हिंदुस्तान में दो दो हिंदुस्तान दिखाई देते हैं / गुलज़ार Lyrics in Hindi हिंदुस्तान में दो दो हिंदुस्तान दिखाई देते हैं एक है जिसका सर नवें बादल में है दूसरा जिसका सर अभी दलदल में है एक है जो सतरंगी थाम के उठता है दूसरा पैर उठाता है तो रुकता है फिरका-परस्ती तौहम परस्ती और […]

  • खाली कागज़ पे क्या तलाश करते हो? / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    खाली कागज़ पे क्या तलाश करते हो? / गुलज़ार Lyrics in Hindi खाली कागज़ पे क्या तलाश करते हो? एक ख़ामोश-सा जवाब तो है। डाक से आया है तो कुछ कहा होगा “कोई वादा नहीं… लेकिन देखें कल वक्त क्या तहरीर करता है!” या कहा हो कि… “खाली हो चुकी हूँ मैं अब तुम्हें देने […]

  • मुझको भी तरकीब सिखा / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    मुझको भी तरकीब सिखा / गुलज़ार Lyrics in Hindi मुझको भी तरकीब सिखा दे यार जुलाहे अकसर तुझको देखा है कि ताना बुनते जब कोई तागा टूट गया या ख़त्म हुआ फिर से बाँध के और सिरा कोई जोड़ के उसमें आगे बुनने लगते हो तेरे इस ताने में लेकिन इक भी गाँठ गिरह बुन्तर […]

  • जगजीत: एक बौछार था वो… / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    जगजीत: एक बौछार था वो… / गुलज़ार Lyrics in Hindi एक बौछार था वो शख्स, बिना बरसे किसी अब्र की सहमी सी नमी से जो भिगो देता था… एक बोछार ही था वो, जो कभी धूप की अफशां भर के दूर तक, सुनते हुए चेहरों पे छिड़क देता था नीम तारीक से हॉल में आंखें […]

  • जिहाल-ए-मिस्कीं मुकों बा-रंजिश / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    जिहाल-ए-मिस्कीं मुकों बा-रंजिश / गुलज़ार Lyrics in Hindi जिहाल-ए-मिस्कीं मुकों बा-रंजिश, बहार-ए-हिजरा बेचारा दिल है, सुनाई देती हैं जिसकी धड़कन, तुम्हारा दिल या हमारा दिल है। वो आके पेहलू में ऐसे बैठे, के शाम रंगीन हो गयी हैं, ज़रा ज़रा सी खिली तबियत, ज़रा सी ग़मगीन हो गयी हैं। कभी कभी शाम ऐसे ढलती है […]

  • अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो / गुलज़ार Lyrics in Hindi

    अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो / गुलज़ार Lyrics in Hindi अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो, कि दास्ताँ आगे और भी है अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो! अभी तो टूटी है कच्ची मिट्टी, अभी तो बस जिस्म ही गिरे हैं अभी तो किरदार ही बुझे हैं अभी सुलगते हैं रूह के ग़म, अभी धड़कते हैं दर्द […]