हर क़सम प्यार की निभानी है / अनीता मौर्या


हर क़सम प्यार की निभानी है / अनीता मौर्या
हर क़सम प्यार की निभानी है,
ये खबर भी है जान जानी है,

ज़िन्दगी है अगर सियाह तो क्या,
रंग ख़्वाबों का आसमानी है,

सपने सजते हैं टूट जाते हैं,
दर्द ही प्यार की निशानी है,

मेरा होकर भी वो मेरा न हुआ,
जिन्दगी तेरी बेइमानी है,

धड़कने जिन्दा हैं मेरी तुझसे,
तुझसे ही साँस में रवानी है…


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