स्थिर अधीरता / अनिता मंडा


स्थिर अधीरता / अनिता मंडा
स्थिर अधीरता
खोया स्मृतियों में
सूना सा खंडहर

जगमाते दिन-रात
अब कहाँ गए
छोड़कर साथ।


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